Tag : Interview

Baat Se Baat Chale

बात से बात चले: तसनीफ़ हैदर के साथ एक अदबी गुफ़्तगू!

लिखने की तरफ़ झुकाव बहुत छोटी उम्र से हुआ था। अब ठीक से तो याद नहीं मगर ये शायद 1995 के आस पास की बात है, जब मेरी उम्र नौ बरस थी। दिल्ली के एक उर्दू रिसाले ‘बच्चों की निराली दुनिया’ में मेरी एक नज़्म ‘मेरा ख़ानदान’ छपी थी। शेर वेर मैं बहुत पहले कहने लगा था।

Baat se Baat Chale Dhirendra Singh Faiyaz

बात से बात चले!

सालिम सलीम : आग़ाज़ हम आप के ख़ानदानी पस-मंज़र से करेंगे, क्या आप के घर में शा’इरी और अदब का माहौल था, जिस से प्रभावित हो कर आप भी शे’र की तरफ़ माइल हुए। इस के बारे में कुछ हमें बताइए। धीरेंद्र सिंह फ़य्याज़ : नहीं ! मेरे परिवार का दूर- दूर तक शा’इरी तो… continue reading

[ajax_load_more loading_style="infinite skype" tag="interview-2" container_type="div" post_type="post" offset="5" pause="true"]

Twitter Feeds

Facebook Feeds