Archives : January 2021

Teen Urdu Shayar

तीन उर्दू शायर और उनकी पंजाबी ग़ज़लें

ग़ज़ल हिन्दोस्तान की दीगर ज़बानों में कही जा रही है, लेकिन पंजाबी ग़ज़ल उर्दू ग़ज़ल के क़रीब-तरीन है। ये क़ुरबत इस दर्जा है कि पंजाबी के मुमताज़ शायरों के फ़ेहरिस्त में जो लोग हैं, उन नामों से उर्दू के क़ारी भी ना-शनास नहीं। हबीब जालिब, ज़फ़र इक़बाल, मुनीर नियाज़ी जैसे मोतबर शायर इसकी चंद मिसालें हैं।

Urdu-Marsiya

Urdu Marsiya: A Historical Overview

The term ‘Marsiya’ (elegy) is derived from Arabic word ‘risa’ which means lamentation of the dead person, weeping and wailing over the deceased. It existed in Iran as a well defined literary form, in pre-Islamic days. ‘Sog-e-Siyahwashan’ (mourning of Siyahwash, father of Kai Cyrus), ‘Marg-i-Zarir’ (the death of Zarir, brother of Gushtasp) and some others are still considered as legacy of ancient Persian literature.

झूठी दुनिया का सच्चा अफ़साना-निगार

मंटो की ज़िंदगी उनके अफ़सानों की तरह न सिर्फ़ ये कि दिलचस्प बल्कि संक्षिप्त भी थी। मात्र 42 साल 8 माह और चार दिन की छोटी सी ज़िंदगी का बड़ा हिस्सा मंटो ने अपनी शर्तों पर, निहायत लापरवाई और लाउबालीपन से गुज़ारा। उन्होंने ज़िंदगी को एक बाज़ी की तरह खेला और हार कर भी जीत गए।

Javed Akhtar Blog

सफ़िया अख़्तर का जादू जो बाक़ी दुनिया के लिए जावेद अख़्तर है

जावेद अख़्तर साहब अदब की दुनिया का वो रौशन सितारा हैं जो कि बे-हद लम्बे समय से अपनी चमक बिखेर रहा है और वक़्त के साथ साथ जिस की रौशनी दोबाला हो रही है। दुनिया का शायद ही कोई शख़्स होगा जिस तक जावेद अख़्तर साहब के कलाम का जादू न पहुंचा हो।

Ibn e Insha Blog

इब्न-ए-इंशा और उनका चाँद नगर

चाँद से मुतअल्लिक़ बहुत सारे मुहवारे भी हमारी ज़बान का हिस्सा हैं, मसलन ईद का चाँद होना, चार चाँद लगना वग़ैरह। इसके बावजूद जब मैं चाँद के हवाले से शायरी की बात करता हूँ तो मेरे ज़हन में सिर्फ़ दो नाम नुमायाँ होते हैं – पहला मीर तक़ी मीर और दूसरा इब्न-ए-इंशा।

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