Articles By Rekhta

Baat-Se-Baat-Chale

बात से बात चले, बकुल देव के साथ एक गुफ़्तगू!

इस सिलसिले के चलते अपने हमअस्रों को और क़रीब से जानने-समझने के मवाक़े तो मयस्सर आएंगे ही, साथ ही साथ गुफ़्तगू के दौरान उर्दू अदब और अदीबों के तख़्लीकी तर्ज़ो तरीक़ के नये पहलू भी सामने निकल कर आएंगे..

Mir Anees

मीर अनीस, वो फ़क़ीर शायर जो बादशाहों को भी ख़ातिर में नहीं लाता था

मीर अनीस को मर्सिया-निगारी का बादशाह कहा जाता है। उन्होंने मर्सिया-निगारी को उरूज बख़्शा। दुनिया भर में होने वाली मजलिसों में आज भी मीर अनीस के मरासी कसरत से पढ़े जाते हैं।
मीर अनीस जितने अज़ीम शायर थे उतने ही नाज़ुक-मिज़ाज और फ़क़ीर-सिफ़त इन्सान थे। वो रईसों और अमीरों की सोहबत में बैठना पसंद नहीं करते थे। इसका सुबूत उनके हैदराबाद के मुख़्तसर क़याम के दौरान भी नज़र आता है।

Gauhar Jaan And Akbar Allahabadi

#QissaKahani: जब हिन्दोस्तान की एक मशहूर गायिका और एक तवाइफ़ अकबर से मिलने पहुँचीं

QissaKahani रेख़्ता ब्लॉग की नई सीरीज़ है, जिसमें हम आपके लिए हर हफ़्ते उर्दू शायरों, अदीबों और उर्दू से वाबस्ता अहम् शख़्सियात के जीवन से जुड़े दिलचस्प क़िस्से लेकर हाज़िर होते हैं। इस सीरीज़ की चौथी पेशकश में पढ़िए अकबर इलाहाबादी और मशहूर गायिका गौहर जान की मुलाक़ात का क़िस्सा।

Baat Se Baat Chale

बात से बात चले: तसनीफ़ हैदर के साथ एक अदबी गुफ़्तगू!

लिखने की तरफ़ झुकाव बहुत छोटी उम्र से हुआ था। अब ठीक से तो याद नहीं मगर ये शायद 1995 के आस पास की बात है, जब मेरी उम्र नौ बरस थी। दिल्ली के एक उर्दू रिसाले ‘बच्चों की निराली दुनिया’ में मेरी एक नज़्म ‘मेरा ख़ानदान’ छपी थी। शेर वेर मैं बहुत पहले कहने लगा था।

#QissaKahani: वो दिन जिसके बाद नेहरू ने उर्दू सीखने और ग़ालिब को पढ़ने का फ़ैसला किया

QissaKahani रेख़्ता ब्लॉग की नई सीरीज़ है, जिसमें हम आपके लिए हर हफ़्ते उर्दू शायरों, अदीबों और उर्दू से वाबस्ता अहम् शख़्सियात के जीवन से जुड़े दिलचस्प क़िस्से लेकर हाज़िर होते हैं। इस सीरीज़ की तीसरी पेशकश में पढ़िए नेहरू के उर्दू सीखने का क़िस्सा।

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