Articles By Priyamvada Singh

प्रियंवदा सिंह 1991 में दिल्ली में पैदा हुईं और बायोटेक्नोलॉजी में मास्टर्स किया और फिर उसके बाद अंग्रेज़ी अदब में मास्टर्स की डिग्री हासिल की और इस वक़्त आकाशवाणी बीकानेर में कम्पीयर, फ़्री लांस एंकर, ट्यूटर, और कंटेंट राइटर हैं। प्रियंवदा सिंह मौजूदा शायरी की वो आवाज़ हैं जो ऐवान ए शेर-ओ-अदब में बड़ी तुन्दी और शिद्दत से गूँज रही है। आपकी शायरी में रिवायत और जिद्दत का हसीन इम्तेज़ाज देखने को मिलता है। आप शायरी में वुस्अत ए ख़याल के साथ-साथ लफ़्ज़ की साख़्त और तरक़ीब साज़ी का खास ख़याल रखती है जिससे कि शेर की मानवी फ़िज़ा और लफ़्ज़ी फ़िज़ा दोनों क़ायम रहती है और यही फ़िज़ा क़ारियान ए शेर-ओ-सुख़न को अपना गिर्विदा बना लेती है।

Hazrat-e-Ishq, हज़रत-ए-इश्क़

हज़रत-ए-इश्क़, जो उस्तादों के उस्ताद हैं

हिन्दुस्तानी तहज़ीब से वाक़िफ़ हर शख़्स ये बात जानता है कि कोई भी फ़न सीखने के लिए, इल्म हासिल करने के लिए पहले उसके लायक़ बनना ज़रूरी है, ये वो ज़मीन है जहाँ गुरुओं, उस्तादों, शिक्षकों का सम्मान करना शिक्षित होने की पहली सीढ़ी माना जाता है, ऐसे में उस्तादों का एहतराम करने की रवायत बन जाती है जो कई शेरों में झलकती है।

शायरी के इन किरदारों के बारे में अगर आप नहीं जानते तो ज़रूर जानना चाहिए

शायरी में अलग अलग थीम्स और उनसे जुड़े किरदार होते हैं जैसे इश्क़ की थीम है तो उसमें आशिक़ होगा, महबूब होगा, रक़ीब होगा, और कभी कभी उपदेश देने वाले का इज़ाफ़ा हो जाता है। इसी तरह लहरें और समंदर का ज़िक्र है तो नाख़ुदा होगा, हर ख़ास थीम के साथ उसके उतने ही ख़ास इस्तियारे या किरदार हैं।

Yogesh Praveen

शान ए लखनऊ, जान ए लखनऊ

योगेश प्रवीन के इल्म से मुतास्सिर हो कर उन से सिर्फ़ अवाम ही नहीं बॉलीवुड के लोग भी सलाह लेने आया करते थे, बीच सत्तर के दशक में शशि कपूर और श्याम बेनेगल अपनी फ़िल्म जुनून के लिए योगेश जी से मशविरा करने आये थे। ये उस वक़्त की बात है जब शशि कपूर सुपर स्टार हुआ करते थे और श्याम बेनेगल बेहतरीन डायरेक्टर के रूप में जाने जाते थे।

आइये देखते हैं मुख़्तलिफ़ सभ्यताओं में बिल्ली का क्या किरदार था

आज इंटरनेट पर देखे जाने वाले सबसे ज़ियादा वीडियो और तस्वीरें बिल्लियों की हैं लेकिन बिल्लियाँ इंटरनेट से मशहूर नहीं हुई हैं, बिल्लियाँ हर सदी में किसी न किसी वज्ह से ख़ास रहीं हैं।

Bashir Badr

मैं कौन हूँ? मेरी तारीख़ हिंदुस्तान की तारीख़ के आस पास है: बशीर बद्र

वो शायर जिसने दुनिया में ख़ुश्बू, मोहब्बत और याद किये जाने वाले बेशुमार अशआर बांटे, अपने अहद का बहुत बुलंद शायर, मुशायरों की जान बल्कि मुशायरों की शम’अ बशीर ‘बद्र’ जो अपने नाम के साथ पूरा इंसाफ़ करता है कि वो चाँद भी है और ख़ुश-ख़बरी पहुंचाने वाला भी।

Twitter Feeds

Facebook Feeds