Tag : Hindi Songs

Majrooh Sultanpuri, ‎मजरूह सुल्तानपुरी

मजरूह सुल्तानपुरी : जिन्हें जिगर मोरादाबादी ने फ़िल्मों में लिखने के लिए राज़ी किया

एक दिन मजरूह साहब अपने रिकॉर्ड प्लेयर में मल्लिका-ए-तरन्नुम ‘नूरजहाँ’ की गायी और फ़ैज़ साहब की लिखी नज़्म “मुझसे पहली सी मुहब्बत…” सुन रहे थे। इस नज़्म में एक मिसरा आया ‘तेरी आँखों के सिवा दुनिया में रक्खा क्या है’। मजरूह साहब इस मिसरे के दीवाने हो गए और उन्होंने फ़ैज़ साहब से बात की कि वो इस मिसरे को ले कर एक मुखड़ा रचना चाहते हैं। फ़ैज़ साहब ने इजाज़त भी दे दी।

Naye daur ke sangeet ka sufiyana mizaj

नए दौर के संगीत का सूफ़ीयाना मिज़ाज

सन् 2009 में आई फ़िल्म ‘वेकअप सिड’ के गीतों की लोकप्रियता असंदिग्ध है। ख़ासतौर पर ‘गूंजा सा है कोई इकतारा’ की। जिंदगी के छोटे-छोटे पलों, ख़यालों में खोई कोंकणा सेन शर्मा, हवाओं और समुद्र की लहरों के बीच इसका सुंदर फ़िल्मांकन लोगों को कितना पसंद आया इसे यूट्यूब पर इसके व्यूज़ और कमेंट में देखा जा सकता है। कविता सेठ की ख़ूबसूरत आवाज़ सीधे दिल में उतर जाती है।

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