Articles By Azra Naqvi

Azra Naqvi is a poet, short-story writer, columnist, and translator. Born in Delhi and an alumnus of Aligarh Muslim University, she has seven books to her name. After spending over 33 years in Canada and the Middle East, she is now settled in Greater Noida.

Sher Unke Geet Hamare

जब शायरों के शेर ज़रा सी तब्दीली के साथ फ़िल्मों में पेश किये गए

उर्दू शायरी में किसी दूसरे शायर के कलाम, शे’र या किसी मिस्रा से मुतअस्सिर हो कर, इसमें कुछ इज़ाफ़ा करके उसको अपना लेने की रिवायत हमेशा रही है जिसे तज़मीन कहते हैं। इसके अलावा तरही मुशायरों में किसी उस्ताद की ग़ज़ल से कोई मिस्रा दिया जाता था यानी ‘मिस्रा-ए-तरह’ और सब शायर इसी ज़मीन में इसी क़ाफ़िए और रदीफ़ के साथ ग़ज़लें कहते थे और इस ‘मिस्रा-ए-तरह’ पर अपने मिस्रे से ‘गिरह’ लगाते थे।

The Enchanting World of Urdu Words

In Urdu, there is a huge treasure of such words which are known as ‘DaKHiil’. In fact, there is another treasure which is even bigger than that of DaKHiil words. Interestingly, these new words have appeared in new garbs with variations in meaning, pronunciation, and spelling.

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