Tag : Faiz Ahmad Faiz

Blog on Faiz Ahmad Faiz

जब फ़ैज़ अहमद फ़ैज़ को इंग्लिश के पर्चे में 150 में से 165 नंबर मिले

थर्ड ईयर के इम्तिहान के बाद जब तालिब-ए-इल्म अपनी अपनी कापियाँ देख रहे थे तो फ़ैज़ की कॉपी पर 165 नंबर दर्ज थे। कोई हैरान हुए बग़ैर नहीं रह सका क्योंकि इम्तिहान सिर्फ़ 150 नंबरों का था।

Mushaira: A History of thunderous and traditional Waah-Waahs

Mushaira (mehfil or bazm) is a gathering of the poets who write, recite and listen to poetry of one another written in Urdu language, with a participative and responsive audience. It is not a contest which has a winner in the end, but the poets simply read out their self-composed poems in their patented and individual styles, crafted in accordance with a specific metrical pattern and carrying a certain loftiness of thought.

Majrooh Sultanpuri, ‎मजरूह सुल्तानपुरी

मजरूह सुल्तानपुरी : जिन्हें जिगर मोरादाबादी ने फ़िल्मों में लिखने के लिए राज़ी किया

एक दिन मजरूह साहब अपने रिकॉर्ड प्लेयर में मल्लिका-ए-तरन्नुम ‘नूरजहाँ’ की गायी और फ़ैज़ साहब की लिखी नज़्म “मुझसे पहली सी मुहब्बत…” सुन रहे थे। इस नज़्म में एक मिसरा आया ‘तेरी आँखों के सिवा दुनिया में रक्खा क्या है’। मजरूह साहब इस मिसरे के दीवाने हो गए और उन्होंने फ़ैज़ साहब से बात की कि वो इस मिसरे को ले कर एक मुखड़ा रचना चाहते हैं। फ़ैज़ साहब ने इजाज़त भी दे दी।

Sajida Zaidi and Faiz Ahmad Faiz

फ़ैज़ की जलाई तीली से सिगरेट सुलगाने वाली ख़ातून

बीते दिनों सोशल मीडिया पर घूम रही एक तस्वीर ने उन तमाम लोगों को परेशानी में डाल दिया था जो फ़ैज़ के चेहरे से तो वाक़िफ़ थे लेकिन फ़ैज़ के साथ तस्वीर में मौजूद उस स्त्री को नहीं पहचान पा रहे थे जो ग़ालिबन किसी मुशायरे के स्टेज पर बैठी फ़ैज़ की जलाई तीली से सिगरेट सुलगा रही है।

Gaman Movie Ghazal, Makhdoom Mohiuddin, आपकी याद आती रही रात-भर, Aapki Yaad Aati Rahi Raat Bhar Ghazal

‘गमन’ फ़िल्म की ग़ज़ल: यादें और उम्र जितनी लंबी रातें

प्रतीक्षा की रातें बहुत लंबी होती हैं… बहुत बार एक उम्र जितनी लंबी। उनमें जिंदगी की थकन भी जुड़ती जाती है। इस इंतजार के एक सिरे पर यादें होती हैं तो दूसरे सिरे पर उम्मीद। मगर यादों और उम्मीदों के बीच का फासला इतना लंबा होता जाता है कि संभाले नहीं संभलता। “आप की याद… continue reading

Twitter Feeds

Facebook Feeds