Tag : Ghazal

Talat Mahmood

तलत महमूद: जिसने ग़ज़ल गायकी को आसान बना दिया

तलत महमूद को शहंशाह-ए-ग़ज़ल भी कहा जाता है। उन्होंने ग़ज़ल गायकी को आसान बनाया। उन्होंने लफ़्ज़ों को इतनी नरमी दे दी कि मानो जैसे वो फूल हों। मीर, मोमिन, ग़ालिब, जिगर मुरादाबादी, अमीर मीनाई, ख़ुमार बाराबंकवी, फ़ैज़ अहमद फ़ैज़, जाँ निसार अख़्तर जैसे बड़े शाइरों की ग़ज़लों को अपनी आवाज़ से छू कर उनकी ख़ूबसूरती में इज़ाफ़ा किया।

Meer-Aur-Mohsin-Naqvi

जन्नत में शायरों की एक महफ़िल

मैंने सुना है मेरे बाद कोई लफ़्ज़ों का ऐसा साहिर पैदा हुआ है , जिसे इश्क़ ने निकम्मा कर रखा था और ज़माने ने पागल क़रार दे रखा था, कोई ग़ालिब गुज़रा था , क्या था वो शख़्स? उस के बारे में मैं पहले ही कह दिया था कि उस्ताद मिला तो ठीक वर्ना मोहमल बकेगा।

Bashir Badr

मैं कौन हूँ? मेरी तारीख़ हिंदुस्तान की तारीख़ के आस पास है: बशीर बद्र

वो शायर जिसने दुनिया में ख़ुश्बू, मोहब्बत और याद किये जाने वाले बेशुमार अशआर बांटे, अपने अहद का बहुत बुलंद शायर, मुशायरों की जान बल्कि मुशायरों की शम’अ बशीर ‘बद्र’ जो अपने नाम के साथ पूरा इंसाफ़ करता है कि वो चाँद भी है और ख़ुश-ख़बरी पहुंचाने वाला भी।

Jagjit Singh Blog

जगजीत सिंह: जिस ने मिर्ज़ा ग़ालिब को घर घर पहुँचा दिया

जगजीत सिंह का नाम ज़हन में आते ही चेहरे पर आज भी मुस्कुराहट आ जाती है। जगजीत सिंह पिछली सदी की नब्बे वाली दहाई में जवान होती नस्ल के नौस्टेलजिया का एक अहम किरदार है। वो पीढ़ी जिस तरह अपने बचपन में कार्टूनिस्ट प्राण के किरदारों की नई काॅमिक्स की बेतहाशा राह तका करती थी, ठीक उसी शिद्दत से जगजीत सिंह के नई कैसेट्स उस जवान होती पीढ़ी को मुंतज़िर रखते थे।

Ghalib Kaun Hai

जब मीर ने ग़ालिब के बारे में एक अजीब बात कही

ग़ालिब कौन है, अब हम उससे क्या बताएँ कि जो ग़ालिब ही से पूछ रहा हो कि ग़ालिब कौन है। बहुत ग़ौर करें तो इसी शे’र में ग़ालिब निराश हो कर ये कहते हुए भी नज़र आते हैं कि- ”वो हमसे पूछ रहे हैं कि ग़ालिब कौन है तो कोई हमीं को बतलाओ कि हम क्या बतलाएँ कि हम कौन हैं।

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