Tag : Poetry

Urdu Shayari

क्या शायरी परफ़ॉर्मिंग आर्ट है

आज डिजिटल दौर में ‘शायर बनना’ वाकई बहुत आसान हो गया है | शायरी में करियर ढूँढने से पहले अपनी शायरी का उद्देश्य ढूँढना एक ज़रूरी काम है | इस काम में जीवन गुज़र जाने जैसी बात है | रिल्के कहते हैं कि हम जीवन भर शायरी करते रहते हैं और अंत में पता चलता है कि हमने जीवन भर में एक नज़्म कही | बात सिर्फ़ उद्देश्य पर भी ख़त्म नहीं होती |

Josh Malihabadi

Ishqnaama: The love-life of Josh Malihabadi

An emotionally honest Josh has remained an icon of love with a difference. In this extraordinary narrative Yaadon ki Baraat spread over 729 pages, he has narrated his love-life in 57 pages and unabashedly claimed that he loved “not once but eighteen times”.

Baat Se Baat Chale

बात से बात चले: तसनीफ़ हैदर के साथ एक अदबी गुफ़्तगू!

लिखने की तरफ़ झुकाव बहुत छोटी उम्र से हुआ था। अब ठीक से तो याद नहीं मगर ये शायद 1995 के आस पास की बात है, जब मेरी उम्र नौ बरस थी। दिल्ली के एक उर्दू रिसाले ‘बच्चों की निराली दुनिया’ में मेरी एक नज़्म ‘मेरा ख़ानदान’ छपी थी। शेर वेर मैं बहुत पहले कहने लगा था।

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राहत इंदौरी: ये सानेहा तो किसी दिन गुज़रने वाला था

राहत की चुभती हुई शायरी, शेर सुनाने के ड्रामाई अंदाज़ और मौके़-मौके़ पर उनकी तरफ़ से फेंके जाने वाले लतीफ़ों और जुमलेबाज़ी ने उन्हें एक दूसरे ही जहान का शायर बना दिया था। वो माईक पर आते ही मुशायरे की ख़ामोशी को दाद-ओ-तहसीन की गर्मी से ऐसा पिघलाते थे कि देर तक मुशायरा अपने मामूल पर नहीं रह पाता था।

Riyaz Khairabadi

वो शायर जिसने कभी शराब नहीं पी लेकिन सारी ज़िंदगी शराब पर शेर कहता रहा

रियाज़ ख़ैराबादी के तआरुफ़ में सबसे ज़ियादा कही और सुनी जाने वाली बात ये है कि उन्होंने कभी शराब नहीं पी लेकिन शराब पर सबसे ज़ियादा और सबसे अच्छे शेर कहे। पहली बात पर यक़ीन के साथ कुछ नहीं कहा जा सकता लेकिन दूसरी बात पूरी तरह दुरुस्त है। उर्दू के साहित्यिक इतिहास में रियाज़… continue reading

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