Tag : Urdu Shayari

Jurat and Insha

Jurat Aur Insha ka Yaaraana: Interesting Anecdotes

Born in Delhi, in the year 1748, Yahya Aman, better known as the poet Jurat Qalandar Bakhsh was unlike any other poet of his time. Known for an artful portrayal of mischief, mirth and mockery in his poetry, Jurat, was defined as a ‘skirt-chasing poet’ by none other than Mir Taqi Mir.

Sahir-Ludhianvi Blog

साहिर लुधियानवी: नग़्मों में ज़िंदगी

अब्दुल हई उर्फ़ साहिर लुधियानवी के ख़ानदान में दूर-दूर तक शेर-ओ-शाइरी की रिवायत का नाम-ओ-निशान नहीं मिलता फिर भी उस्ताद फ़ैयाज़ हरियाणवी की पनाह में साहिर तक़रीबन पन्द्रह-सोलह की उम्र ही से शाइरी करने लगे थे। स्कूल के ही दिनों में साहिर को फ़ारसी, उर्दू की सैकड़ों ग़ज़लें और नज़्में हिफ़्ज़ थीं। साहिर अपने दोस्तों को अक्सर ग़ालिब, मीर, सौदा, इक़बाल और फ़िराक़ गोरखपुरी की शाइरी सुनाया करते थे।

Year 2022 Rewind

Rekhta Rewind 2022

The year 2022 is over. Looking back, it was anything but usual. Won’t be interesting to turn the wheel of time and look back at your most loved bits of literature? That’s precisely what we will do toda, Discuss your favourites across every category.

Bahadur Shah Zafar Blog

Bahadur Shah Zafar: The emperor poet of Delhi

Bahadur Shah Zafar was born on October 14, 1775, in the last quarter of the eighteenth century. The empire was on the decline. Bahadur Shah Zafar ascended the throne of Delhi, as a symbolic king. His territory of the reign was limited to the Red Fort itself.

Delhi Shayari Blog

दिल्ली अपने शाइ’रों की नज़र में

दिल्ली वक़्त जितना ही पुराना शह्र है। इस शह्र के सब से पुराने आसार तक़रीबन 300 क़ब्ल-ए-मसीह के आस-पास के हैं। ये शह्र हमेशा से तहज़ीब, तरक़्क़ी और फ़ुनून-ए-लतीफ़ा का मर्कज़ रहा है। इसी लिए, जब हम तारीख़ के पन्ने पलटते हैं तो पाते हैं कि इस शह्र ने जितने आली-मर्तबत लोगों को अपनी तरफ़ खींचा, उतने ही हम्लावरों को भी।

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