Tag : Urdu

झूठी दुनिया का सच्चा अफ़साना-निगार

मंटो की ज़िंदगी उनके अफ़सानों की तरह न सिर्फ़ ये कि दिलचस्प बल्कि संक्षिप्त भी थी। मात्र 42 साल 8 माह और चार दिन की छोटी सी ज़िंदगी का बड़ा हिस्सा मंटो ने अपनी शर्तों पर, निहायत लापरवाई और लाउबालीपन से गुज़ारा। उन्होंने ज़िंदगी को एक बाज़ी की तरह खेला और हार कर भी जीत गए।

Ibn e Insha Blog

इब्न-ए-इंशा और उनका चाँद नगर

चाँद से मुतअल्लिक़ बहुत सारे मुहवारे भी हमारी ज़बान का हिस्सा हैं, मसलन ईद का चाँद होना, चार चाँद लगना वग़ैरह। इसके बावजूद जब मैं चाँद के हवाले से शायरी की बात करता हूँ तो मेरे ज़हन में सिर्फ़ दो नाम नुमायाँ होते हैं – पहला मीर तक़ी मीर और दूसरा इब्न-ए-इंशा।

Kya-Urdu-Khichdi-Zabaan-Hai

क्या उर्दू ‘खिचड़ी’ ज़बान है?

बहुत सी भाषाएँ शहरों और इलाक़ों के नाम से संबद्ध होती हैं जैसे सिंध से ‘सिंधी’, पंजाब से ‘पंजाबी’, बंगाल से ‘बंगाली’ आदि, बिल्कुल वैसे ही उर्दू भाषा का नाम भी शहर के नाम पर पड़ा है, यानी शाहजहान आबाद के नाम ‘उर्दू’ पर। इसका लश्कर से कोई सम्बंध नहीं है और न ही ये भाषा किसी छावनी में विकसित हुई।

Ghalib Kaun Hai

जब मीर ने ग़ालिब के बारे में एक अजीब बात कही

ग़ालिब कौन है, अब हम उससे क्या बताएँ कि जो ग़ालिब ही से पूछ रहा हो कि ग़ालिब कौन है। बहुत ग़ौर करें तो इसी शे’र में ग़ालिब निराश हो कर ये कहते हुए भी नज़र आते हैं कि- ”वो हमसे पूछ रहे हैं कि ग़ालिब कौन है तो कोई हमीं को बतलाओ कि हम क्या बतलाएँ कि हम कौन हैं।

Faruqi ki Kahani

अदब फ़ारूक़ी साहब के लिए जीने और मरने का सवाल था

फ़ारूक़ी साहब की ज़िन्दगी एक मज़मून में नहीं समा सकती, उनका काम भी एक मज़मून में नहीं समा सकता। उन्होंने तनक़ीद लिखी और हर बार अपनी तनक़ीद से लोगों को चौंकाया। कुछ लोगों का मानना है कि वो तस्दीक़ के नहीं बल्कि तरदीद के नक़्क़ाद थे।

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