Tag : Urdu Poets

Habib Jalib Blog

उन्होंने हमेशा पाकिस्तानी फ़ौजी तानाशाहों का खुले-आम विरोध किया

अवाम के दर्द को जितना क़रीब से उन्होंने देखा उसे महसूस किया और उसके बारे में लिखा ऐसा उस दौर में बहुत ही कम शायरों ने किया। लोगों ने उन्हें शायर-ए-अवाम का दर्जा भी दिया। वो उस वक़्त के सबसे ज़ियादा पढ़े जाने वाले और मक़बूल शायरों की फ़ेहरिस्त में सबसे आगे थे। हबीब जालिब साहब ने पाकिस्तान में हमेशा मार्शल लॉ की मुख़ालिफ़त की क्योंकि वो जानते थे कि इस ‘लॉ’ में किस तरह से एक आम इंसान के हुक़ूक़ तलफ़ किए जाते हैं। इस सिलसिले में उन्हें पुलिस की लाठियाँ भी खानी पड़ी और जेल भी जाना पड़ा।

#QissaKahani: जब दाग़ बोले, “मियाँ बशीर आप शेर कहते नहीं, शेर जनते हैं”

‘क़िस्सा कहानी’ रेख़्ता ब्लॉग की नई सीरीज़ है, जिसमें हम आप तक हर हफ़्ते उर्दू शायरों और अदीबों के जीवन और उनकी रचनाओं से जुड़े दिलचस्प क़िस्से लेकर हाज़िर होंगे। इस सीरीज़ की पहली पेशकश में पढ़िए दाग़ देहलवी की शगुफ़्ता-मिज़ाजी का एक दिलचस्प क़िस्सा।

साहिर, जो हर इक पल का शाइर है

साहिर की रेंज इतनी व्यापक है कि उनके लोकप्रिय गीतों की चमक में उनके बहुत से उल्लेखनीय गीत कहीं पीछे छूट गए हैं। साहिर मुखर होते थे मगर कभी लाउड नहीं होते थे। वे गहरी बात कह जाते मगर दुरूह बनकर नहीं, बड़ी सरलता से जाने दुनिया और मन की किन गहराइयों को बयान कर जाते थे। यहाँ पर हम उनके कुछ ऐसे ही गीतों की चर्चा करेंगे जिनके बारे में अक्सर बात नहीं होती है।

Javed Akhtar Blog

सफ़िया अख़्तर का जादू जो बाक़ी दुनिया के लिए जावेद अख़्तर है

जावेद अख़्तर साहब अदब की दुनिया का वो रौशन सितारा हैं जो कि बे-हद लम्बे समय से अपनी चमक बिखेर रहा है और वक़्त के साथ साथ जिस की रौशनी दोबाला हो रही है। दुनिया का शायद ही कोई शख़्स होगा जिस तक जावेद अख़्तर साहब के कलाम का जादू न पहुंचा हो।

Ahmad Faraz Blog

فراز صاحب، ایک یاد

یہ دیارِ ادب میں خوش نصیبی کی اعلا مثال ہے کہ فراز صاحب پشاور میں پلے بڑھے،ادبی اٹھان کی خوش بختی ملی۔۔۔ مجھے بھی اس شہرِ ہفت زبان میں جنم لینے، ابتدائی تعلیم حاصل کرنے اور ان گلیوں میں سانس لینے کے موسم ملے ۔۔۔ آج بھی پشاور کے قہوہ خانوں، ادبی حجروں اور شہر کی قدیم گلیوں میں فراز صاحب کے نقشِ قدم اور ان کے شہرِ ذات کی خوشبو محسوس ہوتی ہے ۔

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