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Momin Khan Momin Blog

#QissaKahani: हकीम मोमिन ख़ाँ मोमिन, जो हमेशा इश्क़ के बीमार रहे

ये उस वक़्त की बात है जब मोमिन की हिक्मत के चर्चे सुन कर लखनऊ की एक नामी-गिरामी तवाइफ़ जिसका नाम उम्मतुल फ़ातिमा था अपने इलाज के लिए मोमिन के पास दिल्ली चली आई थी। तवाइफ़ लखनऊ की थी तो शेर-ओ-अदब का ज़ौक़ भी रखती थी और शेर भी कहती थी। ‘साहिब’ उसका तख़ल्लुस था।लेकिन लोग उसे आम तौर पर ‘साहब जान’ के बजाय ‘साहिब जी’ कहा करते थे।

Ali Sardar Jafri 'Lucknow ki Panch Raten'

Ali Sardar Jafri’s Life-Scroll : Lucknow ki Panch Raten

Ali Sardar Jafri, the poet of love, peace, and courage, significantly graced the treasure of Urdu literature with his crowning work ‘Lucknow Ki Panch Raten’. A confluence of his travels, friendships, and acquaintance.

Mir Taqi Mir (interesting Anecdotes)

Mir Taqi Mir And the Mushaira of Lucknow: Interesting Anecdotes

Mir Taqi Mir, aged 60, finally arrived in the court of Lucknow at the request of Nawab Asaf-ud-Daulah in the year 1782. Being a traveller customarily staying in a Sarai Mir, learnt about a Mushaira that was about to take place one evening.

Urdu Shayari Mein Shahron Ki Kahani

उर्दू शायरी में शहरों की कहानी

वैसे तो हर शख़्स को अपनी जा-ए-पैदाइश या वतन से मुहब्ब्बत होती ही है और वक़्तन फ़-वक़तन वो उसकी ज़ुबान से ज़ाहिर हो ही जाती है, लेकिन जब मुहब्बत करने वाला शख़्स शेरो अदब से ताल्लुक़ रखता हो तब क्या ही कहने। अलग़रज़ जहाँ जहाँ उर्दू पनपी और परवान चढ़ी उन अक्सर जगहों का नाम… continue reading

Baat karna ya baat karni, बात करना या बात करनी

बात करना या बात करनी – दिल्ली और लखनऊ वालों का मसअला

एक दोस्त का सवाल है कि क्या ये जुमला दरुस्त है “मुझे बात बताना है ” या ये सही है “मुझे एक बात बतानी है” ऐसे ही “बात करना” होना चाहिए या “बात करनी” अस्ल में उनके सवाल की वजह उनका ये ख़्याल है कि चूँकि लफ़्ज़ ‘बात’ मोअन्नस (Feminine ) है तो इसके साथ… continue reading

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